
Wednesday, August 18, 2010
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
इलाहाबाद शहर का अपना अलग अंदाज, अलग मिजाज़ है...इस शहर के बाशिंदो के लिए बैठकी करना टाइम पास नहीं बल्कि उनकी ज़िंदगी का हिस्सा है...इस बैठकी में चाय का साथ हो तो क्या कहने...फिर आइये चायखाने चलते हैं...इन बैठकियों में खालिस बकैती भी होती है और विचारों की नई धाराएं भी बहती हैं...साथ ही समकालीन समाज के सरोकारों और विकारों पर सार्थक बहस भी होती है...आपका भी स्वागत है इस बैठकी में...आइये गरमा-गरम चाय के साथ कुछ बतकही हो जाए...
6 comments:
बोलती तस्वीर!
wow!graet sir,,,,
सर, लाजवाब ।
बब्बा की तस्वीर ने बवाल कर दिया और इन्हीं तस्वीरों के बहाने आप मुखातिब भी हो जाते हैं।
अदभुत...(बस एक शब्द)
would you know I am BABBA....
Photograph speeks.
thanks.........
Post a Comment