Saturday, April 7, 2012

घुसा जुनून जो शहर में,


वोह कुछ मंदिरों के थे, कुछ मस्जिदों के थे,


वोह था तो एक बच्चा मगर,


उसकी आँखों में ख्वाब, परियों की जगह चंद रोटियों के थे..

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