Thursday, September 29, 2011

आज जन्मदिन है मेरा...

ज़िन्दगी के सफ़र के दो पड़ाव तो पहले ही पूरे हो गए थे। आज आधी ज़िन्दगी से महज एक कदम दूर रह गया हूँ। अब वह बचपन की अटखेलियाँ, खेल सब कहीं खो से गए हैं। स्कूल के दिनों की मस्तियाँ, दोस्तों की बातें सब सिर्फ याद करने तक ही सीमित रह गए हैं। या यूँ कहें की अब शायद उन्हें याद करने में भी यादों के लिए समाये निकालना पड़ता है। खैर शायद ज़िन्दगी ऐसे ही चलती है। लोग आतें हैं, रिश्तें बनते हैं और एक दिन सिर्फ हम होते हैं.... सबके बीच रहते हुए भी अकेले और तनहा... फिर भी सबके बीच खुशियाँ ढून्ढ ही लेते हैं...

4 comments:

Poorviya said...

badhai hO..be lated


jai baba banaras.......

संजय भास्कर said...

जन्मदिन की बधाईयाँ ढेर सारी हार्दिक बधाईयाँ

संजय भास्कर said...

मेरी ओर से जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं

SHIKHA KHARE said...

Hello Mohnish Ji
SABSE PAHLE AAPKO JANAMDIN KI DERO SHUBH KAMNAYE VA HARDIK BADHAIYA...
MOHNISH JI SAHI KAHA HAI AAPNE RISHTE WAQT KE SATH BANTE HAIN OR WAQT KE SATH HI TUT JATE LEKIN KUCH RISHTE ITNE KHASH BAN JATE HAIN KI JINKE TUTNE KE BAAD JINDGI FIKI PAD JATI HAI...SACH KAHA HAI AAPNE HUM TANHA HO KAR BHI SABKE BICH RAH KAR KHUSHIYA JARUR KHOJ LETE HAIN "LEKIN WO CHHUT CHUKA KHASH RISHTA JO HUMARI JINGDI KA EK AHEM HISSA RAHTA HAI" USKI YAADE UN KHUSHIYO KE SATH-SATH DUKH,DARD OR AANSHU HI DE JATE HAI...

ONCE AGAIN WISH U VERY-VERY HAPPY BELATED BIRTHDAY...